“भारत को जानो, भारत को मानो, भारत को बनाओ और भारत के बनो” : सुरेश "भैयाजी" जोशी
कलियासोत पहाड़ी पर पूर्व छात्रों ने रोपे 1100 पौधे
परिवार व्यवस्था, स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती हत्याकांड आयोग रिपोर्ट पर विश्व हिंदू परिषद के प्रस्ताव, संत रविदास जी की 650वीं जयंती एवं श्रद्धेय अशोक सिंघल जी की जयंती पर विशेष योजनाएं
संभल हिंसा की रिपोर्ट ने किया देशद्रोहियों का पर्दाफाश; विहिप ने की कठोर कार्रवाई की मांग
मूल निवासी दिवस : इतिहास की स्मृति या भारत के विरुद्ध वैचारिक अभियान?
जनजातीय समाज है सनातनी
मूल निवासी बनाम बाहरी’ : भारत को बाँटने वाले औपनिवेशिक आख्यान के विरुद्ध सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की हुंकार
श्री राम जन्मभूमि : तपस्वी पीढ़ियों की पुण्यकथा
सनातन हिन्दू संस्कृति का संवाहक - जनजातीय समाज
रामजी का युद्ध सत्ता के लिये नहीं, सत्य की स्थापना के लिये था
आज भी रक्षाबंधन पर बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बाँधकर उससे आजीवन अपनी रक्षा और सम्मान की प्रतिज्ञा लेती है। भाई भी यह वचन देता है कि वह हर परिस्थिति में अपनी बहन की सुरक्षा करेगा। यही आदर्श हमारी भारतीय संस्कृति की विशिष्टता है, कि यहाँ नारी को मात्र एक व्यक्ति नहीं, संस्कारों की जननी, परिवार की धुरी और शक्ति का प्रतीक माना जाता है।
विनोद जोहरी- संक्रान्ति का अर्थ है, ‘सूर्य का एक राशि से दूसरी राशि में संक्रमण (जाना)’. एक संक्रांति से दूसरी संक्रांति के बीच का समय ही सौर मास है. पूरे वर्ष में कुल 12 संक्रान्तियां होती हैं. लेकिन इनमें से चार संक्रांति मे
गीता जयंती प्रत्येक वर्ष मार्गशीर्ष माह की शुक्ल पक्ष की एकादशी को मनाई जाती है। बताया जाता है कि इसी दिन भगवान श्री कृष्ण के मुख से गीता के उपदेश निकले थे। पूरे विश्व भर में मात्र श्रीमद भगवत गीता ही एकमात्र ऐसा ग्रंथ है जिसकी जयंती मनाई जाती है। इस वर्ष
बालासोर: 3 जून ओडिशा के बालासोर में हुई भीषण रेल दुर्घटना के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सैकड़ों स्वयंसेवक राहत और बचाव कार्य में जुटे हुए हैं। संघ के स्वयंसवकों ने करीब 500 यूनिट रक्तदान किया है। बालेश्वर जिले के बाहनगा रेलवे स्टेशन के निक
संघ का सेवा कार्य- दस दिवसीय दन्त चिकित्सा शिविर का आयोजन सैकड़ों की संख्या में नागरिकों ने उठाया लाभ नागरिकों ने संघ के कार्य को सराहा भोपाल। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सेवा विभाग के द्वारा
सेवागाथा – वैदिक परंपराओं का पुनर्जागरण सुरभि शोध संस्थान (वाराणसी)
सेवागाथा - हर मुश्किल के साथी।
राष्ट्र सेविका समिति ने बनाई कोविड संजीवनी हेल्प लाइन
बालाघाट -अयोध्या में श्री राम लला का मंदिर 500 वर्षों के बाद पुनः बनने को अब तैयार है. सैकड़ों वर्षो के प्रतीक्षा के बाद एक भव्य राम मंदिर के लिए पूरा देश उत्सुक है. देश का हर समाज हर वर्ग हर पंथ इसमें अपना सहयोग देना चाहता है. इसी वजह से श्री राम मंदिर
नेताजी की 125वीं जयंती एवं पराक्रम दिवस के अवसर पर माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई ने आयोजित किया रक्तदान शिविर और विशेष व्याख्यान भोपाल। कोरोना काल
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण के लिए देशभर में निधि समर्पण अभियान प्रारंभ हो गया है. मंदिर की नींव को लेकर विशेषज्ञ मंथन कर रहे हैं. जल्द ही निर्माण कार्य प्रारंभ होने की आशा है. निधि समर्पण अभियान और श्रीराम मंदिर निर्माण को ले
अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर के निर्माण के लिए 15 जनवरी से 14 फरवरी 2021 तक मध्यप्रदेश में जन-जन को जोड़कर निधि समर्पण के अंतर्गत राशि संग्रह की जाएगी, इसके लिए शनिवार राजधानी भोपाल में विस्तृत योजना बनी है। इसमें आम लोग कूपन से भगवान श्री राम के भव्य मंदिर निर्माण में अपनी श्रद्धा निधि समर्पण राशि दे सकेंगे। जिसके लिए 10 रुपये, 100 रुपये और 1000 रुपये के कूपन तैयार किए गए हैं। इसके अलावा जिन्हें इससे अधिक राशि देनी है वे डीडी, चेक या रसीद-बुक से अपने पेन नंबर के साथ दे सकेंगे।