राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मध्यभारत प्रांत के संघ शिक्षा वर्ग (व्यवसाय) ब्यावरा में बुधवार को मातृहस्त भोजन कार्यक्रम सम्पन्न हुआ, जिसमें 106 परिवारों की मातृशक्ति अपने हाथों से भोजन बनाकर लायी, सभी शिक्षार्थियों के साथ में बैठकर परिवार सहित भोजन किया व उन्हें भी भोजन करवाया।
सभी परिवारजनों के साथ की गोष्ठी में मुख्य वक्ता श्री प्रवीण जी क्षेत्रीय सम्पर्क प्रमुख तथा माननीय विभाग संघचालक उदयसिंह चौहान एवं वर्ग कार्यवाह कदम सिंह मीणा थे।
प्रवीण जी गुप्त ने उपस्थित भगिनी-बंधुओं को संबोधित करते हुए कहा कि यह वर्ष संघ का शताब्दी वर्ष है, ऐसे लोग जो समाज और देश का हित चाहने वाले है, उन सब सज्जन शक्ति को साथ लेकर ही समाज में परिवर्तन संभव है।
ये पंच परिवर्तन है कुटुंब-प्रबोधन, समरसता, पर्यावरण, स्व जागरण और नागरिक कर्तव्य।
श्री गुप्त ने कहा कि कुटुंब व्यवस्था हमारे भारत की संस्कृति की विशेषता है, यह व्यवस्था प्राचीन है। भारत पर कई आक्रांताओं ने आक्रमण किया, फिर भी हिन्दू समाज बचा हुआ है। उसका कारण कुटुंब प्रबंधन ही है। आज पाश्चात्य संस्कृति की वजह से हमारे परिवार पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है, जिससे परिवारों में संस्कारों का क्षरण हो रहा है। आज हमारे परिवारों के सदस्यों में संवाद की कमी है, जिससे विवाद बढ़ रहे है जिसका मुख्य कारण मोबाइल और टीवी है। परिवार के सभी सदस्यों को एक समय साथ बैठकर भोजन करना चाहिए तथा भोजन करते समय मोबाइल और टीवी बंद होना चाहिए, ऐसा प्रयास प्रत्येक परिवार को करना चाहिये।
आज समाज में कई भिन्नता है। भिन्नता होते हुए भी समान व्यवहार करने से ही समाज में समरसता आएगी। सभी ब्रह्म का स्वरूप है, सभी समान हैं तो व्यवहार भी सभी के साथ समान होना चाहिये। पर्यावरण की रक्षा करना भी हमारा कर्तव्य है। आज हम पानी का उपयोग कम और दुरुपयोग ज्यादा कर रहे है। कई लोग पौधों को नहलाते है, जबकि पानी पौधे की जड़ में देना चाहिए। प्लास्टिक और डिस्पोजल का उपयोग कम करना होगा तथा कपड़े की थैली का उपयोग दिनचर्या में लाना होगा।
स्व का भाव सभी में होना चाहिए। हमारे भारतीय संस्कृति के हिसाब से भाषा, भजन, भोजन होना चाहिए। वेशभूषा भी संस्कृति के हिसाब से हो, ऐसी कोशिश करना चाहिये।
प्रत्येक नागरिक को देश के नियम और कानून का पालन करना चाहिए। ये हमारा कर्तव्य है। हेलमेट पहनकर वाहन चलाना चाहिए, ये नियम है तो पालन करना चाहिए। ये हमारी सुरक्षा का सवाल है।सभी नागरिक अपने कर्तव्यों का पालन करे और शुरुआत अपने घर से करें।
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