जगदगुरू आदि श्री शंकराचार्य जयंती

विश्व संवाद केंद्र, भोपाल    17-Apr-2026
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मातृभाषा मंच भोपाल नगर में कार्यरत विभिन्न भाषायी समाजों में एकता की भावना जाग्रत करने वाली एक सामाजिक संस्था है। समाज में मातृभाषा के व्यावहारिक प्रयोग को बढ़ाने, मातृभाषा के प्रयोग से परंपराओं और सांस्कृति की धरोहर को सहेज कर उसे नवीन पीढी को सौंपने की आवश्यकता है। मातृभाषा के महत्व को अंतर्राष्ट्रीय जगत द्वारा भी मान्यता प्रदान करते हुए संयुक्त राष्ट्र संघ ने 21 फरवरी को अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस घोषित किया है। ‘‘मातृभाषा मंच’’, भोपाल शहर में इसी दिशा में विगत आठ वर्षों से सक्रिय संस्था है।
 
 
यह सर्वविदित है कि जगदगुरु आदि शंकराचार्य जी भारतीय दर्शन और सनातन धर्म के पुनरुद्धारकर्ता हैं। उन्होंने अद्वैत वेदांत की स्थापना की, पूरे भारत में सांस्कृतिक एकता को बढ़ावा दिया, साथ ही ब्रह्मसूत्र, उपनिषद तथा गीता पर भाष्य लिखकर सनातन परंपरा को नई दिशा दी । शंकराचार्य जी ने यह प्रतिपादित किया कि जीव और ब्रह्म एक ही हैं। शंकराचार्य जी ने भारत के चारों कोनों में धार्मिक और आध्यात्मिक ज्ञान के केंद्र स्थापित किए, जिनमें उत्तर में ज्योतिर्मठ (बद्रीनाथ), दक्षिण में श्रृंगेरी पीठ (श्रृंगेरी), पूर्व में गोवर्धन मठ (पुरी) एवं पश्चिम में शारदा पीठ (द्वारका) हैं। उनकी जयन्ती बैसाख शुक्ल पंचमी इस वर्ष 21 अप्रैल, 2026 को है, इसी उपलक्ष्य में मातृभाषा मंच ने एक प्रबोधन कार्यक्रम रखा है।
 
 
यह प्रबोधन कार्यक्रम श्री नारायणा गुरू मंदिर, सुभाष नगर, भोपाल में दिनांक 18 अप्रैल 2026 (शनिवार) को मातृभाषा मंच के द्वारा सायं 5 बजे से आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम के प्रारंभ में श्री आदि शंकराचार्य द्वारा रचित भजनों का गायन भी होगा। इस अवसर पर अद्वैत वेदांत के मर्मज्ञ आचार्य उमाशंकर पचौरी जी मुख्य वक्ता होंगे।
मातृभाषा मंच की ओर से आग्रह किया गया है कि सभी परिवार सहित इस कार्यक्रम में आयें और अपनी सहभागिता प्रदान करें।
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