विद्या भारती शिक्षा के क्षेत्र में मानवता एवं सेवा से जुड़े पुनीत कार्य कर रही है: राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल

समुत्कर्ष" निःशुल्क कोचिंग के नवीन सत्र का शुभारंभ

विश्व संवाद केंद्र, भोपाल    10-Mar-2026
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vidya bharti
 
भोपाल। जीवन में बड़ा बनना अच्छी बात है पर अच्छा बनना और बड़ी बात है। चरित्रवान पीढ़ी तैयार करने में बहुत समय लगता है। इसके लिए समाज में अभी भी बहुत काम करने की आवश्यकता है। यह बात राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कही। वे हर्षवर्धन नगर स्थित सरस्वती विद्या प्रतिष्ठान में भाऊराव देवरस सेवा न्यास द्वारा संचालित 'समुत्कर्ष' कोचिंग संस्थान के द्वितीय सत्र के शुभारंभ अवसर पर कार्यक्रम को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।
 
राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि विद्या भारती शिक्षा के क्षेत्र में मानवता एवं सेवा से जुड़े पुनीत कार्य कर रही है। विद्या भारती के पूर्व छात्र दुनियाभर में विभिन्न कार्यों में अपना विशिष्ट योगदान दे रहे हैं। विद्या भारती के पूर्व छात्र इस कोचिंग संस्थान के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु मार्गदर्शन प्रदान करने का कार्य कर रहे हैं। इस दिशा में ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर युवाओं से संवाद एवं प्रोत्साहन करने की आवश्यकता भी है।
 
राज्यपाल ने कोचिंग संस्थान के नवीन सत्र के लिए चयनित विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दी एवं उन्हें परिश्रम एवं लगन से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने की प्रेरणा दी।
 
कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के अखिल भारतीय अध्यक्ष डॉ रविंद्र कान्हेरे ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में विद्या भारती मध्य भारत प्रांत के प्रांत संगठन मंत्री श्री निखिलेश महेश्वरी एवं भाऊराव देवरस सेवा न्यास के अध्यक्ष श्री बनवारी लाल सक्सेना एवं समुत्कर्ष कोचिंग संस्थान के संयोजक श्री सुधांशु गोयल भी उपस्थित थे।
 
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ रवींद्र कान्हेरे ने कहा कि विद्या भारती देशभर के 11 क्षेत्रों में 30 हजार से अधिक विद्यालयों का संचालन कर रही है। विद्या भारती शिक्षा के साथ विद्यार्थियों में संस्कार, राष्ट्र प्रेम से युक्त चरित्र वान एवं राष्ट्र के प्रति समर्पित विद्यार्थी तैयार करती है।
 
कार्यक्रम का संचालन विद्या भारती पूर्व छात्र परिषद प्रान्त संयोजक श्री आशुतोष गुप्ता ने किया। कार्यक्रम के आरंभ में समुत्कर्ष कोचिंग संस्थान के संयोजक श्री सुधांशु गोयल ने संस्थान के विषय में जानकारी दी।
 
उन्होंने कहा कि हर विद्यार्थी में प्रतिभा होती है लेकिन उन्हें मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है। विद्या भारती के पूर्व छात्र सामाजिक दायित्व समझकर इस कार्य को कर रहे हैं।
 
कार्यक्रम में आभार ज्ञापन हेतु श्री आशीष जोशी (प्रान्त उपाध्यक्ष, विद्या भारती मध्यभारत) ने किया।
 
 
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मार्गदर्शन देती है समुत्कर्ष
 
पिछले डेढ़ वर्ष से भाऊराव देवरस सेवा न्यास द्वारा श्रीमती अर्चना शुक्ल की स्मृति में विद्या भारती के पूर्व छात्रों के सहयोग से समुत्कर्ष कोचिंग संस्थान संचालित किया जा रहा है। इसमें यूपीएससी, मध्य प्रदेश पीएससी, बैंकिंग एवं रेलवे आदि प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को मार्गदर्शन प्रदान किया जाता है।