
हरदा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अंतर्गत हरदा में प्रमुख जन गोष्ठी का आयोजन हुआ। हरदा डिग्री कॉलेज परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लगभग 80 प्रमुख जनों की सहभागिता रही। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य वी. भागैया जी रहे।
अपने उद्बोधन की शुरुआत करते हुए वी. भागैया जी ने संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के जीवन और विचारों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि डॉ. हेडगेवार जन्मजात देशभक्त थे। युवावस्था में उनका क्रांतिकारियों से निकट संबंध रहा और आगे चलकर वे कांग्रेस के सदस्य भी बने। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान उन्हें दो बार जेल जाना पड़ा।
वी. भागैया जी ने कहा कि लंबे समय तक देश का गुलाम रहना केवल बाहरी कारणों से नहीं, बल्कि आत्मविस्मृति, आत्मकेंद्रित जीवन दृष्टि और संगठन के अभाव का परिणाम था। इसी आत्मचिंतन से यह स्पष्ट हुआ कि देश और समाज के प्रति जागरूक, संवेदनशील और कर्तव्यनिष्ठ नागरिकों का निर्माण अत्यंत आवश्यक है। इसी उद्देश्य को सामने रखकर डॉ. हेडगेवार ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की, जो बीते 100 वर्षों से निरंतर हिंदू समाज के संगठन और राष्ट्र निर्माण के कार्य में संलग्न है।
उन्होंने बताया कि डॉ. हेडगेवार का संवाद अपने समय के अनेक महापुरुषों से रहा, जिनमें महात्मा गांधी और नेताजी सुभाष चंद्र बोस जैसे राष्ट्रनायक शामिल थे। वी. भागैया ने कहा कि आज संघ के स्वयंसेवक समाज जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय रहकर सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में कार्य कर रहे हैं।
अपने संबोधन में उन्होंने आगामी वर्षों के लिए ‘पंच परिवर्तन’ के क्षेत्रों में कार्य करने का आह्वान किया। इसमें सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, कुटुंब प्रबोधन, स्वदेशी एवं ‘स्व’ का भाव तथा नागरिक कर्तव्यबोध जैसे विषय शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में निरंतर और सामूहिक प्रयास से ही समाज और राष्ट्र को सशक्त बनाया जा सकता है।
कार्यक्रम के पश्चात भागैया जी ने उपस्थित जिज्ञासु श्रोताओं द्वारा पूछे गए प्रश्नों के उत्तर भी दिए। इस अवसर पर संघ के विभाग संघचालक श्री धन्नालाल जी दोगने, जिला सहसंघचालक श्री नरेंद्र जी भामू, क्षेत्र गौसेवा प्रमुख श्री बृज किशोर जी भार्गव, प्रांत सेवा प्रमुख श्री विक्रम जी सहित हरदा के बड़ी संख्या में प्रमुख एवं प्रबुद्ध जन उपस्थित रहे।