मुख्य अतिथि श्री सुरेश सोनी जी ने अपने उद्बोधन में कहा मातृभाषा मंच द्वारा विगत 8 वर्षों से समाज जागरण का लक्ष्य केंद्रित कर कार्य किया जा रहा है इस विषय को समझने के लिए किसी भाषण की आवश्यकता नहीं है यह अनुभव का विषय है जो आप यहां लगी प्रदर्शनियों के माध्यम से प्राप्त कर सकते हैं जिसका मूल स्वर भारत एक है भारतीय समाज एक है
यह संघ का शताब्दी वर्ष है जैसे शंकराचार्य जैसे महान आत्मक सभी जीव जंतु पशु पक्षी में एक भगवान मानते हैं इस तरह भारत के गांव में रहने वाला एक सामान्य नागरिक भी यह समझता है कि भगवान एक है उसके रूप अनेक हैं विभिन्न पूजा पद्धति अनेक भाषाओ अनेक पंथ होने के बावजूद भारतीय समाज एक है।
भारत में अलग-अलग प्रांतो के कारण, भाषा के कारण पंथ के कारण जो इतिहास में आक्रमण हुए आगे ऐसी स्थिति न उत्पन्न हो इसके लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का यह कार्य मातृभाषा मंच के माध्यम से सामाजिक समरसता के लिए हो रहा है जब अंग्रेजों का आक्रमण हुआ उसे समय अंग्रेजों से संघर्ष के लिए बहुत से क्रांतिकारी हुए परंतु सभी समाज क्रांतिवीर नहीं हो सकता था तब एक धारा जिसकी शुरुआत महात्मा गांधी जी की जो स्वावलंबन थी जिससे अन्य समाज जुड़ा स्व का बोध था
भेल दशहरा मैदान में आयोजित विगत दो दिवस से चल रहे मातृभाषा मंच द्वारा आयोजित तीन दिवसीय मातृभाषा समारोह के तीसरे दिन रविवार को सांस्कृतिक विविधता का भव्य प्रदर्शन देखने को मिला ।
प्रातः कालीन कार्यक्रम में भगवान झूलेलाल जी की जीवनी पर अत्यंत सुंदर और भक्ति भावपूर्ण नृत्य नाटिका का मंचन किया गया जिसकी निर्देशिका श्रीमती कविता इसरानी जी थी। नृत्य नाटिका में 16 कलाकारों ने प्रस्तुति दी नाटिका के माध्यम से भगवान झूलेलाल जी के जीवन के संघर्ष उनका जीवन और उपदेशों पर प्रकाश डाला गया ।
उसके पश्चात भगवान बिरसा मुंडा के यशस्वी जीवन पर प्रेरणापूर्ण एवं जानकारी वर्धक नाटक की प्रस्तुति दी गई।
भगवान बिरसा मुंडा ने अपने जीवन में पर्यावरण ,पेड़ और जंगल के प्रति जो सेवा भाव रखा, अंग्रेजों से जो उन्होंने संघर्ष किया, मिशनरियों के विरुद्ध जीवन पर्यंत उनका संघर्ष चलता रहा। इन सभी पलों को नाटक के माध्यम से निर्देशक श्री विवेक त्रिपाठी जी व उनके 12 रंगमंच कलाकार पात्रों ने दर्शकों के समक्ष संजीव सा कर दिया
सायं कालीन कार्यक्रम के आरंभ में संत रविदास जी के चित्र पर माल्यार्पण कर उनकी महिमा उनकी ख्याति एवं भक्ति पूर्ण जीवन गाथा चलचित्र के माध्यम से प्रस्तुत की गई। संत रविदास जी की भक्ति पूर्ण यात्रा भगवान के प्रति उनकी अपार श्रद्धा जन-जन में कण कण में भगवान को देख लेना उस अनुसार आचरण कर लेना उनकी ऐसी महिमा का वर्णन किया गया
उसके पश्चात राम जन्मभूमि के भव्य निर्माण , संघर्ष, आरंभ ,चुनौतियां और उसके निर्माण की विजय यात्रा चलचित्र के माध्यम से दर्शकों को अत्यंत मोहित कर गई। दर्शक आत्म विभोर और भावुक होकर भक्ति भाव से भर गए ।
तदोपरांत मुख्य अतिथियों द्वारा मंत्रउच्चारण के साथ दीप प्रज्वलन का कार्यक्रम संपन्न हुआ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री सुरेश सोनी जी, पूर्व सह सर कार्यवाह ,राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ वर्तमान में अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ।
श्री सुनील बंसल जी ,एमडी बंसल ग्रुप
श्री अमिताभ सक्सेना जी, संयोजक, मातृभाषा मंच
श्री अमिताभ जी ने यह जानकारी मंच के माध्यम से सभी को प्रदान की मातृभाषा मंच के विषय में बताया कि यह आयोजन वर्ष 2018 से किया जा रहा है भाषा भाषा में अनेक भाषाओं के साथ यह आरंभ हुआ इस आयोजन का यह विशेष वर्ष है क्योंकि यह वंदे मातरम की 150 सी जयंती गुरु तेग बहादुर जी की 350वी शहादत वर्ष एवं भगवान बिरसा मुंडा की 150 वी जयंती है
कार्यक्रम के समापन सत्र में संघ शताब्दी वर्ष पर केंद्रित राष्ट्रीय सर्वोपरि की भव्य प्रस्तुति मोहित सेवानी जी एवं समूह द्वारा प्रस्तुत की गई किसने दर्शकों के मन में एक राष्ट्र राष्ट्र सर्वोपरि राष्ट्र प्रथम देश भक्ति के आलोकित कर दिया