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सम्मेलन में श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर बालक दास जी महाराज, महंत श्री दीनबंधु दास जी (बागेश्वर धाम, चाचौड़ा) एवं मातृ शक्ति श्रीमती शारदा जी जादौन (सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, चाचौड़ा) मंचासीन रहीं। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता हिन्दू जागरण मंच के क्षेत्र संगठन मंत्री डॉ. श्री मनीष जी उपाध्याय रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा तुलसी पूजन, गौ पूजन एवं भारत माता के पूजन के साथ हुआ। इसके उपरांत नगर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें धर्मध्वज, जयघोष एवं पारंपरिक वेशभूषा के माध्यम से हिन्दू एकता और सांस्कृतिक गौरव का संदेश दिया गया। रंगमंचीय प्रस्तुतियों के माध्यम से सनातन संस्कृति और हिन्दू परंपराओं को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया।
अपने उद्बोधन में महामंडलेश्वर बालक दास जी महाराज ने कहा कि सनातन धर्म केवल पूजा-पद्धति नहीं, बल्कि जीवन को संतुलित और मूल्यवान बनाने की संपूर्ण व्यवस्था है। समाज जब अपने संस्कारों से जुड़ा रहता है, तभी राष्ट्र सशक्त बनता है।
मुख्य वक्ता डॉ. मनीष जी उपाध्याय ने कहा कि वर्तमान समय में हिन्दू समाज को अपनी संस्कृति, धर्म और राष्ट्र की रक्षा के लिए संगठित होकर प्रयास करने की आवश्यकता है। ऐसे सम्मेलन समाज को दिशा देने और आत्मबोध जगाने का कार्य करते हैं।
अन्य संतजनों एवं वक्ताओं ने भी हिन्दू एकता, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक पुनर्जागरण पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का समापन सहभोज के साथ हुआ, जिसमें सभी वर्गों के लोगों ने सहभागिता कर सामाजिक सौहार्द का परिचय दिया। संपूर्ण आयोजन अनुशासित, प्रेरणादायी और सनातन चेतना से परिपूर्ण रहा।