भोपाल के इतिहास में नवाबों ने सिर्फ चार पांच बॉलें ही खेलीं- डॉ तिवारी

भोपाल के इतिहास में नवाबों ने सिर्फ चार पांच बालें ही खेलीं- डॉ तिवारी

विश्व संवाद केंद्र, भोपाल    22-Sep-2022
Total Views |
kushabhau thakre
कुशाभाऊ ठाकरे फाउंडेशन ने भोपाल के समृद्ध इतिहास विषय पर आयोजित की चर्चा
भोपाल। कुशाभाऊ ठाकरे फाउंडेशन द्वारा आयोजित टेबल टॉक में भोपाल के समृद्ध इतिहास पर अपनी बात रखते हुए विशेषज्ञ के रूप में शामिल हुईं पुरातत्विद पूजा सक्सेना ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से लोगों तक अपनी बात पहुंचाई. उन्होंने कहा कि पूरा भोपाल ॐ वैली पर बना हुआ है. भोपाल की मनुआभान की टेकरी पर गुप्तकालीन मंदिर होने की बात करते हुए उन्होंने कहा कि इन सभी मंदिरों को पहाड़ी पर सड़क बनाते समय इन मंदिरों को तोड़कर उनके ऊपर सड़क बनायी गयी है. उन्होंने भोजपुर मंदिर के सामने 500 वर्ग किलोमीटर का भीमाकुंड होने की बात कही. यह वर्तमान के बड़े तालाब के आगे कई गुना बड़ा था.
 
उन्होंने बताया कि आज नदियों को मोड़ने के लिए अनेक योजनायें बनायी जाती हैं. परन्तु हजारों वर्षों पहले राजा भोज ने इस पर काम किया था, उन्होंने अनेक स्थानों पर नदियों के बहाव को मोड़ा था. उन्होंने प्रागैतिहासिक से लेकर परमार काल और फिर भोपाल की वर्तमान स्तिथि तक की कहानी पर विस्तृत प्रकाश डाला.
 
वहीं कार्यक्रम के मुख्य वक्ता मध्यप्रदेश सूचना आयुक्त विजय मनोहर तिवारी जी ने भोपाल में नवाबों के इतिहास पर बोलते हुए कहा कि- नवाबों ने 50 ओवर के मैच में चार-पांच बॉलें ही खेली हैं। इसमें से बचे ओवरों की जानकारी हमें समझने की आवश्यकता है। इतिहास में मंदिरों एवं प्रतिमाओं को तोड़ने सहित अनेक मंदिरों के मलबे पर खड़ी मस्जिदें खड़ी होने पर पश्न खड़ा किया। उन्होंने राजा भोज के परमार वंश की 26 पीढ़ियों द्वारा 400 वर्षों तक होने की बात करते हुए राजा भोज को बड़े स्ट्रक्चर बनाने के शौकीन होना बताया। वे “नवाबों से पहले भोपाल के समृद्ध इतिहास” विषय पर मुख्य वक्ता के रूप में अपनी बात रख रहे थे.
 
उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित जनों से 1947 से पूर्व के 1 हजार वर्ष के इतिहास को समझने की बात कही। डॉ तिवारी ने 1857 की क्रांति के बाद बहादुरशाह के जीवन के सच से पर्दा उठाते हुए कहा कि क्रांति के बाद उसके हरम से अनेक हिजड़ों, महिलाएं निकलने की बात करते हुए उसके चरित्र पर विस्तृत चर्चा की.
 
इस कार्यक्रम की अध्यक्षता वेद तत्वावनन्द जी ने एवं आभार सरफराज हुसैन की किया.
 
उल्लेखनीय है कि नवाबों से पहले के समृद्ध भोपाल के बारे में चर्चा का आयोजन किया गया था। इसमें विभिन्न महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों से पत्रकारिता एवं अन्य विद्यार्थी उपस्थित रहे. 

kushabhau thakre
kushabhau thakre