इंदौर मामले में आरोपी अल्तमश के वॉइस सैंपल को जांच के लिए भेजा

विश्व संवाद केंद्र, भोपाल    04-Sep-2021
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इंदौर में 28 अगस्त को अराजकता फैलाने वाले चार आरोपियों को खजराना पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया था, जिसमें से तीन आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। आरोपी अल्तमश के वॉयस सैंपल को जांच के लिए भेजा गया है। वहीं जो पाकिस्तानी नंबर अल्तमश के मोबाइल में मिले थे, उसकी जानकारी पुलिस द्वारा इंटरपोल को दे दी गई है। इंदौर के बाणगंगा इलाके में हुई चूड़ी वाले के पिटाई के वायरल वीडियो के बाद जांच एजेंसी द्वारा यह खुलासे किए गए थे। इरफान, अल्तमश, सैय्यद और जावेद को दंगा भड़काने के मामले में गिरफ्तार किया था।

पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने यह दावा किया था कि अल्तमश का संपर्क पाकिस्तान से नहीं बल्कि तालिबान से भी उसके कनेक्शन सामने आए थे। जिसे राष्ट्रद्रोह मानते हुए उसके मोबाइल की जांच की जा रही है। आरोपी के पास 200 से अधिक आपत्तिजनक दस्तावेज भी मिले थे। उसके मोबाइल में कई संदिग्ध वॉट्सऐप ग्रुप मिले हैं, जिस पर भड़काऊ सामग्री पोस्ट की जाती रही थी।


इंटरपोल की ली जा रही है मदद

 

मामला का खुलासा होने के बाद जहां देश की कई जांच एजेंसियां इस पूरे मामले को सुलझाने में लगी हुई। वहीं आईबी और एटीएस द्वारा भी आरोपी से लगातार पूछताछ की जा रही है। वहीं इंदौर पुलिस द्वारा अब इंटरपोल की मदद से यह जानकारी जुटाई जा रही है कि अल्तमश किन-किन दुश्मन देशों से संपर्क में था और विदेशों से उसका क्या ताल्लुक था। वह क्या कोई उसका आका उसे इस तरह की अराजकता फैलाने के लिए प्रोत्साहित कर रहा था इन सभी बिंदुओं पर अब एजेंसी की निगाहें इंटरपोल से जानकारी आने के बाद ही साफ हो पाएगी।

DPI और PFI से जुड़े लोगों से भी कनेक्शन, आईबी ने भी शुरू की जांच

 

अल्तमश खान के मोबाइल में पुलिस को कई संदिग्ध वॉट्सऐप ग्रुप मिले हैं। इनमें इस्लामिक संगठन SDPI और PFI से जुड़े लोगों के सक्रिय ग्रुप में शामिल हैं। इसके साथ ही मोबाइल से 200 से ज्यादा लोगों से बातचीत की रिकॉर्डिंग भी मिली है। अल्तमस ने कई इलाकों में जाकर लोगों को भड़काने की कोशिश की है। आईबी भी आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है।

 
रिपोर्ट- दैनिक भास्कर