भोपाल - टोक्यो ओलिंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाली भारतीय हॉकी टीम के इटारसी निवासी खिलाड़ी विवेक सागर का गुरुवार को भोपाल के मिंटो हॉल में सम्मान किया गया इसके साथ ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विवेक को एक करोड़ रुपए का चेक दिया। सीएम ने मंच से कहा कि विवेक सागर आज से डीएसपी हैं। कार्यक्रम में विवेक ने कहा- मैं अपने माता-पिता के लिए पक्की छत का इंतजाम करना चाहता हूं। मप्र की हॉकी अकादमी विश्व की सबसे अच्छी अकादमी है। मैं 2003 में यहां छोटे से गांव से आया था। आप लोग भी आगे जा सकते हैं। मेहनत के अलावा अनुशासन भी जरूरी है।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा, मैं माता-पिता से कहना चाहता हूं कि बच्चों में टैलेंट है तो मत रोकना। पढ़ने के साथ खेलने दें। विवेक 8-9 साल से हॉकी खेल रहा है। विवेक ने प्रदेश को गौरवान्वित किया है। राज्य सरकार मकान बनाकर देगी। उन्होंने कहा कि कोरोना की तीसरी लहर न आए। यशोधरा जी आप टैलेंट सर्च शुरू कर दीजिए।
कार्यक्रम में खेल मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया ने कहा- 2005 में जब मुझे खेल विभाग मिला था, तब मुख्यमंत्री ने कहा था कि मुझे आलिंपिक में गोल्ड चाहिए। इसके लिए उन्होंने बजट भी बढ़ा दिया।
इसके पहले विवेक को रिसीव करने एयरपोर्ट खुद खेल मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया पहुंचीं। यहां से मंत्री विवेक सागर को लेकर मुख्यमंत्री निवास पहुंचीं, जहां सीएम शिवराज सिंह चौहान के साथ पौधरोपण किया। विवेक होशंगाबाद के इटारसी के पास चांदौन गांव के रहने वाले हैं। ओलिंपिक में विवेक के गोल की बदौलत भारत ने अर्जेंटिना के विरुद्ध जीत हासिल की थी। इसके बाद सेमीफाइनल में ब्रॉन्ज मेडल मिला था।