नानाजी की जयंती पर स्वाबलंबन केंद्रों में सुंदरकांड एवं हनुमान चालीसा के साथ भंडारा प्रसादी का भी हुआ आयोजन

भारतरत्न नानाजी देशमुख की 105वीं जयंती पर दीनदयाल शोध संस्थान के "ग्रामोदय पखवाड़ा" का समापन

विश्व संवाद केंद्र, भोपाल    11-Oct-2021
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चित्रकूट: भारत में समय-समय पर अनेक महापुरूष ने जन्म लेकर तत्कालीन समाज को दिशा देने के साथ एक ‘जागरूकता‘ का वातावरण निर्मित किया है। एकात्म मानववाद के चिन्तक पं. दीनदयाल उपाध्याय एवं राष्ट्रऋषि नानाजी देशमुख का नाम भी इन्हीं महापुरूषों की श्रंखला में आता है। इन दोनों ही महापुरुषों के जन्मदिवस पर दीनदयाल शोध संस्थान में 25 सितंबर पं. दीनदयाल जी की जयंती से 11 अक्टूबर भारत रत्न नानाजी देशमुख की जयंती तक "ग्रामोदय पखवाड़ा" का कार्यक्रम सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखकर मनाया गया। इसके लिए संस्थान के सभी प्रकल्पों से प्रमुख कार्यकर्ता चित्रकूट एवं मझगवॉ जनपद के सभी स्वावलंबन केंद्रों एवं संपर्कित केंद्रों तक प्रवास किये तथा वहां समाज शिल्पी दंपत्ति एवं ग्राम संयोजक कार्यकर्ताओं के सहयोग से श्रद्देय नानाजी के जयंती कार्यक्रम को ग्राम आबादियों तक धूमधाम से संपन्न किए। इस दौरान डीआरआई के संगठन सचिव श्री अभय महाजन भी कई कार्यक्रमों में सम्मिलित हुए। जयंती अवसर पर प्रकल्पों एवं गांव-गांव में सुंदरकांड एवं हनुमान चालीसा का भी पाठ किया गया, उसके बाद खीर एवं मिष्ठान का भी वितरण तथा कई केंद्रों पर भंडारा प्रसादी का भी आयोजन हुआ।
पखवाड़ा कार्यक्रम के ही अंतर्गत दीनदयाल शोध संस्थान के विभिन्न प्रकल्पों द्वारा ग्राम केन्द्रों पर क्षमता संवर्धन, स्वच्छता, सामूहिक श्रमसाधना, तथा स्वावलंबी बनाने के लिए व्यावसायिक प्रशिक्षण पर आपसी चर्चा हुई तथा तंबाकू से मुक्त समाज हो इस पर भी बातचीत की गई। भारत रत्न नानाजी देशमुख ने कैसे चित्रकूट में सामूहिक प्रयासों से समाज में चेतना लाने का काम किया, विस्तार से बताया।
वहीं जन शिक्षण संस्थान चित्रकूट ने विकासखंड मऊ में "कौशल विकास एवं महिला स्वावलंबन" कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसमें मुख्य अतिथि तहसीलदार श्री शशीकांत मणि एवं समाजसेवी श्री राघवेंद्र सिंह तथा सहायक खंड विकास अधिकारी सहकारिता श्री आदित्य कुमार सिंह एवं निदेशक जन शिक्षण संस्थान चित्रकूट रमाशंकर त्रिपाठी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। संबोधित करते हुए तहसीलदार श्री शशीकांत मणि ने कहा कि देश के युवाओं को नौकरी के पीछे नहीं भागना चाहिए बल्कि स्वयं का रोजगार पैदा करने पर अधिक ध्यान रखने की आवश्यकता है। युवाओं के कंधों पर ही देश का विकास निर्भर है। जन शिक्षण संस्थान चित्रकूट का प्रयास इस क्षेत्र में सराहनीय है। कार्यक्रम में वरिष्ठ समाजसेवी राघवेंद्र सिंह ने राष्ट्रऋषि नाना जी के चित्रकूट जनपद में किए गए कार्यों का उल्लेख किया। एडीओ को-आपरेटिव आदित्य कुमार सिंह ने राज्य सरकार की स्वावलंबन परियोजनाओं के विषय में जानकारी रखी। इस कार्यक्रम में सभी अनुदेशक, प्रशिक्षक तथा 110 प्रतिभागी उपस्थित रहे।
स्वाबलंबन केंद्रों पर समाज शिल्पी दंपति कार्यकर्ताओं ने भी इस दौरान सामूहिक प्रयासों से गांव-गांव में पेयजल श्रोत, श्रद्धास्थल और सामुदायिक भवनों को साफ स्वच्छ किया। पखवाड़ा के तहत स्वावलम्बन केन्द्रों पर आरोग्यधाम कार्यकर्ताओं द्वारा औषधीय पौधों की उपयोगिता एवं महत्व के बारे में विस्तृत जानकारी दी गयी।
दीनदयाल शोध संस्थान के उप महाप्रबंधक डा. अनिल जायसवाल ने बताया कि पिछले 17 दिनों से पखवाड़े के अंतर्गत डीआरआई के सभी प्रकल्पों के माध्यम से ग्राम आबादियों तक स्वच्छता, नशामुक्ति, जल संरक्षण, पर्यावरण आदि विभिन्न विषयों पर जन जागरुकता के साथ प्रतियोगिताओं सहित स्वास्थ्य गोष्ठियां और कृषक गोष्ठियों का आयोजन किया गया। जिसका समापन आज नानाजी की 105वीं जयंती पर हर्षोल्लास के साथ सभी प्रकल्प एवं स्वावलम्बन केन्द्रों पर विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों के साथ अलग-अलग स्थानों पर हुआ।
नाना जी जयंती का यह कार्यक्रम चित्रकूट जनपद के स्वावलंबन केंद्र पैकोरा, हरदौली, गनीवां, इटरौर, चकौध, भुईंहरी, बैहार, कोलगदहिया, बघौड़ा, बनाड़ी, रानीपुर खाकी, अमिलिहा, हरिहरपुर, संग्रामपुर, लोढ़वारा, अर्जुनपुर, बछरन तथा मझगवॉ जनपद के केंद्र पगार खुर्द, चितहरा (बुंदेला पुरवा), केल्होरा, झरी, तुर्रा गोहानी, भरगवां, गुझवां, भियामऊ, चुवा, कन्दर, रानीपुर, पाथर कछार आदि स्थानों पर मनाया गया, जहां विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए गए