​अशोक सिंघल जन्मशताब्दी वर्ष का शंखनाद: भोपाल के रवींद्र भवन में उमड़ा जनसैलाब; समान नागरिक संहिता (UCC) और मंदिर स्वायत्तता पर गूंजे कड़े संकल्प

विश्व संवाद केंद्र, भोपाल    28-Sep-2026
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​अशोक सिंघल जन्मशताब्दी वर्ष का शंखनाद: भोपाल के रवींद्र भवन में उमड़ा जनसैलाब; समान नागरिक संहिता (UCC) और मंदिर स्वायत्तता पर गूंजे कड़े संकल्प
​भोपाल: विश्व हिंदू परिषद (विहिप) मध्य भारत प्रांत के तत्वावधान में रविवार, 27 सितंबर 2026 को रवींद्र भवन सभागार, भोपाल में युग प्रवर्तक श्रद्धेय अशोक सिंघल जी के जन्मशताब्दी वर्ष का भव्य उद्घाटन समारोह पूरी गरिमा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। 27 सितंबर 1926 को जन्मे अशोक सिंघल जी की 100वीं जयंती के उपलक्ष्य में यह देशव्यापी अभियान आरंभ किया गया है। विहिप द्वारा 27 सितंबर 2026 से 27 सितंबर 2027 तक चलने वाले इस वर्षभर के अभियान के तहत देश के 47 प्रमुख केंद्रों सहित विश्वभर में वैचारिक संगोष्ठियां, सामाजिक समरसता सम्मेलन और सेवा कार्य आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में आज नई दिल्ली के भारत मंडपम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह एवं संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी की उपस्थिति में मुख्य राष्ट्रीय कार्यक्रम आयोजित हुआ, जबकि लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और कर्णावती (अहमदाबाद) में मुख्यमंत्री भूपेंद्र भाई की मौजूदगी में भव्य आयोजन संपन्न हुए।
 
 
​भोपाल के रवींद्र भवन सभागार में आयोजित प्रांतीय समारोह में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, विहिप के केंद्रीय सह संगठन महामंत्री श्री विनायक राव देशपांडे और बजरंग दल के पूर्व राष्ट्रीय संयोजक श्री जयभान सिंह पवैया मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। साथ ही मंच पर गुफा मंदिर धाम के पीठाधीश्वर स्वामी रामप्रवेशदास देवाचार्य जी महाराज, बौद्ध भिक्षु भदंत बुद्धघोष जी सहित पूज्य संतगण एवं प्रबुद्धजन मंचासीन रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ समाजसेवी श्री चौधरी ओ.पी. गोंदिया ने की।
 
​प्रमुख वक्ताओं के मुख्य विचार एवं संदेश:
​डॉ. मोहन यादव (मुख्यमंत्री, मध्य प्रदेश):
 
​"एक ही देश और एक ही प्रदेश में दो विधान नहीं चलेंगे; समान नागरिक संहिता (UCC) समय की मांग है। जब हिंदू (राम) कानूनन एक शादी करता है, तो मुस्लिम (रहीम) को भी एक ही शादी करनी होगी। मध्य प्रदेश में बहुविवाह किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।"
 
​श्री विनायक राव देशपांडे (केंद्रीय सह संगठन महामंत्री, विहिप):
 
​"देशभर के देवालय सरकारी नियंत्रण से पूरी तरह मुक्त होने चाहिए। मंदिरों के स्वतंत्र, स्वायत्त और पारदर्शी संचालन के लिए समाज और संतों के हाथों में स्वायत्त देवास्वम बोर्ड या धर्म परिषद की व्यवस्था सौंपी जानी चाहिए।"
​श्री जयभान सिंह पवैया (पूर्व राष्ट्रीय संयोजक, बजरंग दल):
​"राम जन्मभूमि आंदोलन दुनिया के इतिहास का सबसे बड़ा सांस्कृतिक पुनर्जागरण था। कारसेवकों का अप्रतिम बलिदान और काशी में डोम राजा के घर संतों द्वारा भोजन ग्रहण कर समरसता का स्थापित हुआ अनुपम आदर्श ही नए भारत की असली शक्ति है।"