356 साल पुराना राधिका कुंज आज खुलेगा, साल में एक दिन होंगे राधारानी के दर्शन

विश्व संवाद केंद्र, भोपाल    19-Sep-2026
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radharani mandir vidisha
 
 
विदिशा। वर्ष में केवल एक दिन श्रद्धालुओं के लिए खुलने वाले विदिशा के ऐतिहासिक राधिका कुंज मंदिर के पट आज राधाष्टमी के पावन अवसर पर खोले जाएंगे। नंदवाना स्थित वृंदावन गली में करीब 356 वर्ष पुराने इस मंदिर में राधा रानी, भगवान श्रीकृष्ण, बलदाऊ सहित अन्य वैष्णव देवताओं के विग्रह प्रतिष्ठित हैं। वर्षभर मंदिर में श्रद्धालुओं का प्रवेश नहीं होता और विग्रहों की सेवा-पूजा सेवकों द्वारा गोपनीय रूप से की जाती है।
 
 
राधिका कुंज मंदिर की परंपरा का संबंध 17वीं शताब्दी में मुगल शासक औरंगजेब के शासनकाल के दौरान मथुरा-वृंदावन के मंदिरों पर हुए हमलों से बताया जाता है। मंदिर के मुख्य सेवक पं. राकेश शर्मा के अनुसार, मंदिरों पर हमले की आशंका के बीच राधा रानी, भगवान श्रीकृष्ण और अन्य देवताओं के विग्रहों को सुरक्षित रखने के लिए रातोंरात गोपनीय तरीके से जयपुर और विदिशा लाया गया था।
 
 
पं. शर्मा के अनुसार, इन विग्रहों को मुगल आक्रमणों से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से विदिशा के राधिका कुंज और राधावल्लभ मंदिर में स्थापित किया गया। इसके बाद यहां गोपनीय रूप से पूजा-अर्चना और सेवा की परंपरा जारी रही। उन्होंने बताया कि तत्कालीन परिस्थितियों के कारण विग्रहों की सेवा-पूजा को सार्वजनिक रूप से करने के बजाय सीमित रूप में जारी रखा गया। परिस्थितियां अनुकूल होने के बाद पिछले कुछ दशकों से राधाष्टमी के अवसर पर मंदिर के पट आम श्रद्धालुओं के लिए खोले जाने की परंपरा शुरू हुई।
 
 
राधाष्टमी के अवसर पर आज श्रद्धालुओं को वर्ष में एकमात्र दिन राधा रानी के दर्शन का अवसर मिलेगा। मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना, आरती और भजन-कीर्तन के आयोजन किए जाएंगे। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है।