कलियासोत पहाड़ी पर पूर्व छात्रों ने रोपे 1100 पौधे

विश्व संवाद केंद्र, भोपाल    09-Aug-2026
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पर्यावरण पखवाड़े
 
पर्यावरण पखवाड़े के तहत 250 से अधिक पूर्व छात्रों ने की सहभागिता, पौधों की वर्षभर देखरेख का लिया संकल्प
 
भोपाल। पर्यावरण संरक्षण को लेकर विद्या भारती के पूर्व छात्रों ने अनूठी पहल की। सरस्वती शिशु मंदिर के पूर्व छात्रों की ओर से चलाए जा रहे ‘पर्यावरण पखवाड़े’ के तहत कलियासोत पहाड़ी पर वृहद वृक्षारोपण अभियान आयोजित किया गया। इसमें भोपाल में निवासरत करीब 300 पूर्व छात्रों ने भाग लिया और विभिन्न प्रजातियों के 1100 पौधे रोपे। कार्यक्रम की खास बात यह रही कि पूर्व छात्रों ने केवल पौधे लगाने तक सीमित न रहकर उन्हें वृक्ष बनने तक नियमित देखरेख का सामूहिक संकल्प लिया।
 
 
कार्यक्रम में विद्या भारती मध्यभारत प्रांत के प्रांत संगठन मंत्री निखलेश माहेश्वरी भी उपस्थित रहे। उन्होंने पूर्व छात्रों के प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा पूरी करने के वर्षों बाद भी पूर्व छात्रों का अपनी संस्था से जुड़े रहना और समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाना प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज पूरे विश्व की आवश्यकता है। पूर्व छात्रों का यह सामूहिक प्रयास समाज और विशेषकर युवाओं के लिए प्रेरणा का काम करेगा।
 
 
 

पर्यावरण पखवाड़े 
‘शिशु मंदिर के संस्कार प्रकृति और समाज के प्रति जिम्मेदारी सिखाते हैं’
 
विद्या भारती पूर्व छात्र परिषद, मध्यभारत प्रांत के प्रांत संयोजक आशुतोष गुप्ता ने कहा कि विद्या भारती के संस्कार विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ समाज और प्रकृति के प्रति अपने दायित्वों का बोध कराते हैं। उन्होंने कहा कि यह वृक्षारोपण केवल एक दिवसीय कार्यक्रम नहीं है। पूर्व छात्रों ने वर्षभर पौधों की नियमित देखरेख का संकल्प लिया है, ताकि लगाए गए पौधे सुरक्षित रहकर बड़े वृक्ष बन सकें और भोपाल के पर्यावरण को बेहतर बनाने में योगदान दें। उन्होंने बताया कि पर्यावरण पखवाड़े के माध्यम से पूरे प्रांत में पूर्व छात्रों को पर्यावरण संरक्षण की गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है।
 
 
पौधों की देखरेख के लिए बनाई कार्ययोजना
 
कार्यक्रम के दौरान पूर्व छात्रों को अलग-अलग समूहों में बांटा गया। इन समूहों की जिम्मेदारी पौधों की नियमित देखरेख की रहेगी। पूर्व छात्र साप्ताहिक रूप से कलियासोत पहाड़ी पर पहुंचकर पौधों को पानी देने, निराई-गुड़ाई करने और उनकी सुरक्षा की व्यवस्था करेंगे। इस तरह अभियान को एक दिन के आयोजन के बजाय निरंतर चलने वाली गतिविधि का स्वरूप दिया गया है।
 

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