भोपाल के साकेत नगर स्थित होटल में दो नाबालिग युवतियों का अपहरण कर दुष्कर्म और जबरन धर्मांतरण का प्रयास। पुलिस ने मोहम्मद शैफ, वासिद, अंशित समेत होटल मैनेजर को गिरफ्तार किया।
डॉ. मयंक चतुर्वेदी
वरिष्ठ पत्रकार
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल लम्बे समय से कथित इस्लामिक जिहादियों के चुंगल में फंसी हुई है। लगातार यहां गैर मुस्लिम युवतियों को कभी नाम बदलकर, कभी किसी अन्य तरह से अपने प्रेम जाल में जकड़ने के लव जिहाद के मामले सामने आ रहे हैं। एक बार फिर बागसेवनिया इलाके में एक नाबालिग किशोरी और युवती का अपहरण कर दुष्कर्म करने और उन पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने का मामला सामने आया है।
साकेत नगर क्षेत्र स्थित एक होटल में युवतियों को ले जाकर उनका शारीरिक शोषण करने और धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने के आरोपों के बाद पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले में होटल प्रबंधन की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर होटल मैनेजर को भी आरोपी बनाया गया है। पीड़िताओं के बयानों के आधार पर पुलिस ने मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम, पॉक्सो एक्ट तथा अन्य गंभीर धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
पुलिस के अनुसार, बुधवार को हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं को सूचना मिली थी कि एक होटल में कुछ युवक अपनी पहचान छिपाकर दो युवतियों के साथ ठहरे हुए हैं। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पूछताछ में युवकों की पहचान मौहम्मद शैफ, वासिद और उनके साथी अंशित के रूप में हुई।
शैफ दबाव और भय दिखाकर ले गया साथ
पुलिस को दिए बयान में 16 वर्षीय पीड़िता ने बताया कि वह अवधपुरी थाना क्षेत्र की निवासी है। उसके अनुसार, करीब आठ बजे शैफ का फोन आया, जिसने उसे घूमने चलने के लिए कहा। रात लगभग 9 बजे शैफ उसे लेने पहुंचा। पीड़िता ने पहले मना किया, लेकिन शैफ द्वारा इतना भय एवं दबाव बनाया गया कि वह उसके साथ चली गई। इसके बाद उसे शहर के एक कैफे में ले जाया गया। वहां उसकी मुलाकात दूसरी युवती के अलावा अंशित और वासिद से हुई।
मना करने पर भी जबरन पिलाई बीयर
पीड़िता का आरोप है कि इसी दौरान उन्हें बीयर पिलाई गई। इसके बाद वे वहां से निकलकर कार से अन्य स्थानों पर गए, फिर होटल ले जाया गया। वहीं, दूसरी नाबालिग पीड़िता ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि रास्ते भर शैफ उन्हें बीयर पीने के लिए कहता रहा और उसने उसकी तथा उसकी सहेली की इच्छा के विरुद्ध जबरन बीयर पिलाई। फिर उन्हें साकेत नगर स्थित एसएमसी होटल ले जाया गया। वहां वासिद और शैफ ने होटल प्रबंधन से बातचीत कर कमरे बुक कराए।
पीड़िता का आरोप है कि होटल मैनेजर ने उसकी और दूसरी युवती की पहचान संबंधी दस्तावेज (आईडी) लिए बिना ही उन्हें होटल में ठहरा दिया। पीड़िता ने आगे बताया कि होटल पहुंचने के बाद अंशित उसे दूसरी मंजिल पर ले जाने का प्रयास करने लगा। उसने इसका विरोध किया और जाने से मना किया, लेकिन उसके अनुसार अंशित उसकी बात मानने को तैयार नहीं था। पीड़िता ने अपने बयान में अन्य कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
लम्बे समय से शारीरिक शोषण
पीड़िता के अनुसार, कमरे में पहुंचने के बाद अंशित उसकी सहेली के साथ छेड़छाड़ करने लगा। यह देखकर वह घबरा गई और उसने शैफ को फोन कर मदद मांगने की कोशिश की, लेकिन उसकी बात नहीं सुनी गई। बयान में पीड़िता ने कहा कि शैफ उस पर धार्मिक रीति-रिवाज अपनाने का दबाव बनाता था। उसके अनुसार, शैफ अक्सर कहता था कि मुस्लिम लड़कियां बुर्का पहनती हैं और उसे भी बुर्का पहनकर आने के लिए कहता था।
पीड़िता के अनुसार, शैफ उससे कहता था, “तुम भी बुर्का पहनकर आया करो, मुझे अच्छा लगेगा।” आरोपी उसे धर्म परिवर्तन के लिए भी प्रेरित करता था। पीड़िता ने अपने बयान में यह भी आरोप लगाया कि शैफ ने उसका शारीरिक शोषण किया। पुलिस ने पीड़िता के इन आरोपों को बयान का हिस्सा बनाते हुए मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।
धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत भी केस
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पीड़िताओं द्वारा धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने के आरोप लगाए जाने के बाद मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम की धाराएं भी जोड़ी गई हैं। साथ ही पॉक्सो एक्ट, दुष्कर्म, छेड़छाड़ और अन्य गंभीर अपराधों से संबंधित धाराओं में भी मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है। पीड़िताओं के बयान, मेडिकल परीक्षण, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, कॉल रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है। सभी आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
योजनाबद्ध तरीके से हिन्दू बेटियों को फंसाया जा रहा
इस संबंध में विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) के मध्यभारत प्रांत सहमंत्री जितेंद्र चौहान का कहना है कि प्रदेश की राजधानी भोपाल में लगातार इस तरह के लव जिहाद के मामले लम्बे समय से सामने आ रहे हैं, जो यह बताते हैं कि कथित इस्लामिक जिहादी योजनाबद्ध तरीके से हिन्दू बेटियों को अपने जाल में फंसा रहे हैं। वे नाबालिग बच्चियों का शारीरिक शोषण कर रहे हैं। उन्हें धर्मांतरित करने के लिए प्रयास कर रहे हैं। हमारी मांग है कि इस तरह के सभी अपराध बंद होने चाहिए।
उन्होंने कहा, पुलिस ने इस अपराध में बार-बार होटलों का उपयोग किए जाने पर जो सख्ती दिखाई है और इस मामले में भी जो होटल पर कार्रवाई की है, वास्तव में इसकी जरूरत यहां लम्बे समय से महसूस की जा रही थी। एक सामान्य व्यक्ति बिना पहचान दिखाए होटल में रुक नहीं सकता है, जबकि ऐसे प्रकरणों में होटल पहचान के लिए आवश्यक दस्तावेज तक नहीं मांगते हैं, यह जो अपराध अब तक चलता रहा है, वह हर हाल में बंद होना ही चाहिए।