​‘ध्येय के प्रति समर्पित जीवन ही राष्ट्र निर्माण का आधार’: श्री विजय जी दीक्षित

विश्व संवाद केंद्र, भोपाल    01-Jun-2026
Total Views |

betul
 
​बैतूल। एक स्वयंसेवक का जीवन व्यक्तिगत आकांक्षाओं से परे, राष्ट्र के प्रति पूर्णतः समर्पित होता है। यह विचार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, मध्यभारत प्रान्त के सह कार्यवाह श्री विजय दीक्षित ने बैतूल में आयोजित 'संघ शिक्षा वर्ग (विशेष)' के समापन समारोह में व्यक्त किए।
मुख्य वक्ता के रूप में श्री दीक्षित ने इस बात पर बल दिया कि संघ का ध्येय ही स्वयंसेवक के जीवन का ध्येय बन जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की सेवा केवल कार्य नहीं, बल्कि एक साधना है। जब व्यक्ति का जीवन ध्येय के प्रति समर्पित हो जाता है, तभी समाज में परिवर्तन और राष्ट्र में उत्कर्ष संभव है। उन्होंने स्वयंसेवकों से आह्वान किया कि वे समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे, उन्हें संगठित करें और राष्ट्रहित में कार्य करें।
 
 
​वर्ग की कार्यप्रणाली और अनुशासन
 
संघ शिक्षा वर्ग के दौरान स्वयंसेवकों को शारीरिक प्रशिक्षण के साथ-साथ बौद्धिक और वैचारिक रूप से सक्षम बनाने का प्रयास किया गया। वर्ग में अनुशासन, समयबद्धता और सामूहिक कार्य की भावना को सर्वोपरि रखा गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य स्वयंसेवकों में सेवा भाव, राष्ट्रप्रेम और हिंदुत्व के संस्कार को और अधिक प्रगाढ़ करना था।
वर्ग कार्यवाह एवं मध्य भारत प्रान्त के प्रचार प्रमुख श्री अखिलेश श्रीवास्तव ने विशेष वर्ग की सफलता पर सभी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वर्ग में प्राप्त प्रशिक्षण स्वयंसेवक अपने-अपने कार्यक्षेत्र में जाकर समाज सेवा के कार्यों में प्रभावी ढंग से उपयोग करेंगे। इस समापन सत्र में मध्यभारत प्रांत के विभिन्न क्षेत्रों से आए स्वयंसेवक उपस्थित रहे। राष्ट्र वंदना के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
 

betul 2 
 

betul 3