भोपाल। संस्कार भारती द्वारा भरत मुनि स्मृति दिवस के अवसर पर इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय के परिसर में ‘वन्देमातरम् सार्धशती गौरव रंग समारोह’ का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कला, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रभक्ति का सशक्त समन्वय देखने को मिला।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में संग्रहालय के निदेशक प्रो. अमिताभ पांडे उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्रीय कार्यवाह श्री अशोक अग्रवाल, संस्कार भारती भोपाल महानगर की अध्यक्ष श्रीमती अरुणा शर्मा, अखिल भारतीय लोक कला एवं जनजातीय कार्य संयोजक श्री निरंजन पंडा, मध्य भारत प्रांत के सह महामंत्री श्री कृष्ण गोपाल पाठक तथा दृश्य कला विभाग के प्रांत संयोजक श्री अमरजीत श्रीवास्तव शामिल रहे। इस अवसर पर संस्कार भारती के कार्यकारिणी सदस्य भी उपस्थित थे।
समारोह के दौरान संस्कार भारती की त्रैमासिक पत्रिका कला कलेवर का अतिथियों द्वारा विधिवत विमोचन किया गया। साथ ही भारतीय संविधान पर आधारित एक विशेष प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसमें संविधान के विभिन्न अनुच्छेदों के भीतर समाहित मूल चित्रों के माध्यम से भारत के इतिहास और सांस्कृतिक विरासत को रेखांकित किया गया।
कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित चित्रकला शिविर में भोपाल, उज्जैन सहित अन्य शहरों से आए 50 से अधिक चित्रकारों ने लाइव चित्रांकन किया। कलाकारों ने अपनी तूलिकाओं से राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक गौरव को सजीव रूप दिया।
समारोह का प्रमुख आकर्षण ‘वन्देमातरम्’ के भाव से ओतप्रोत आनंदमठ पर आधारित नाटक का प्रभावशाली मंचन रहा, जिसे दर्शकों ने सराहा।
कार्यक्रम का समापन भावपूर्ण वातावरण में हुआ, जब उपस्थित कलाकारों, साहित्यकारों, अतिथियों और नागरिकों ने एक स्वर में ‘वन्देमातरम्’ का गायन किया। वक्ताओं ने भरत मुनि के योगदान को स्मरण करते हुए भारतीय कला को राष्ट्र के उत्थान का सशक्त माध्यम बताया।