कदमताल में अनुशासन, हृदय में राष्ट्रसेवा: संघ के पथ संचलन में दिखा युवा सामर्थ्य

विश्व संवाद केंद्र, भोपाल    03-Nov-2026
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कदमताल में अनुशासन, हृदय में राष्ट्रसेवा: संघ के पथ संचलन में दिखा युवा सामर्थ्य
 
 
ग्वालियर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में रविवार को ग्वालियर में महाविद्यालयीन विद्यार्थियों और युवाओं के द्वारा पथ संचलन निकाले गए। गणवेशधारी स्वयंसेवकों ने अनुशासित कदमताल के साथ संगठन, सामाजिक समरसता और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण का संदेश दिया। घोष की धुन पर एक लय में आगे बढ़ते स्वयंसेवकों का संचलन मार्ग में विभिन्न स्थानों पर सामाजिक संस्थाओं एवं नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। पथ संचलन से पूर्व शस्त्र पूजन भी किया गया।
 
 
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के ग्वालियर जिले के युवा स्वयंसेवकों का पथ संचलन गोले का मंदिर क्षेत्र स्थित जलसा गार्डन, मेला मैदान से प्रारंभ हुआ। इसमें लगभग 350 युवा शामिल हुए। स्वयंसेवक घोष की थाप पर कदम से कदम मिलाते हुए गोले का मंदिर और भिंड रोड से होते हुए एमआईटीएस के मार्ग से वापस जलसा गार्डन पहुंचे, जहां संचलन का समापन हुआ। पूरे मार्ग में स्वयंसेवकों का अनुशासन और सामूहिक कदमताल आकर्षण का केंद्र रही।
 
 
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित ग्वालियर विभाग प्रचारक ललित जी ने युवाओं से अपनी बस्तियों में लगने वाली संघ शाखाओं को सशक्त बनाने तथा अधिकाधिक युवाओं को संगठन से जोडऩे का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति समाज परिवर्तन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। पंच परिवर्तन के विषयों को जनजीवन में उतारने के लिए युवाओं को आगे आना चाहिए। उन्होंने सामाजिक जीवन में सकारात्मक परिवर्तन के लिए संगठित प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. श्याम राजपूत और ग्वालियर जिला सहकार्यवाह नितिन अग्रवाल उपस्थित रहे।

कदमताल में अनुशासन, हृदय में राष्ट्रसेवा: संघ के पथ संचलन में दिखा युवा सामर्थ्य
 
 
एमएलबी कॉलेज से निकला विद्यार्थियों का पथ संचलन
 
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के लश्कर जिला अंतर्गत महाविद्यालयीन विद्यार्थियों का पथ संचलन भी रविवार को निकाला गया। एमएलबी कॉलेज से प्रारंभ हुआ संचलन अचलेश्वर मंदिर, इंदरगंज चौराहा और नदी गेट चौराहे से होते हुए वापस इंदरगंज के मार्ग से एमएलबी कॉलेज पहुंचा। गणवेशधारी विद्यार्थियों ने अनुशासित ढंग से कदमताल करते हुए नगर के प्रमुख मार्गों से संचलन किया। इससे पूर्व शस्त्र पूजन कर राष्ट्ररक्षा, कर्तव्यबोध और संगठन के प्रति समर्पण के भाव को स्मरण किया गया।
 
 
इस अवसर पर आयोजित बौद्धिक कार्यक्रम में लश्कर जिला के महाविद्यालयीन विद्यार्थी संचलन के बौद्धिक प्रमुख मुनेन्द्र कुशवाह ने कहा कि व्यक्ति के जीवन और विचारों के निर्माण में संगति का महत्वपूर्ण योगदान होता है।
 
 
उन्होंने कहा कि डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने वर्ष 1925 में संस्कारवान युवाओं के साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की थी। शाखा के माध्यम से युवाओं में अनुशासन, चरित्र निर्माण और समाज तथा राष्ट्र के प्रति समर्पण के संस्कार विकसित करने का प्रयास किया जाता है। संघ का स्वयंसेवक शाखा के माध्यम से राष्ट्रसेवा की साधना करता है। उन्होंने आचार्य चाणक्य के गुरुकुल का उदाहरण देते हुए कहा कि विभिन्न समाजों और वर्गों से आए विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त करने के बाद अपने ज्ञान और सत्कर्मों से समाज तथा राष्ट्र की सेवा करते थे। इसी प्रकार शाखा युवाओं को संस्कारित कर समाजोपयोगी कार्यों के लिए प्रेरित करती है।
मुनेन्द्र कुशवाह ने कहा कि संघ को समझने के लिए उसकी शाखा से जुडऩा आवश्यक है। युवाओं को डॉ. हेडगेवार और गुरुजी माधव सदाशिव गोलवलकर के जीवन एवं कार्यों से प्रेरणा लेकर राष्ट्रसेवा के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने युवाओं से अपनी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने और भारतीय संस्कृति, सामाजिक मूल्यों तथा राष्ट्रीय जीवन के प्रति अपनी भूमिका सुनिश्चित करने का आह्वान किया। इस दौरान ग्वालियर में 4 से 6 दिसंबर तक मेला मैदान में प्रस्तावित युवा सम्मेलन शिविर की जानकारी भी दी गई।
 

कदमताल में अनुशासन, हृदय में राष्ट्रसेवा: संघ के पथ संचलन में दिखा युवा सामर्थ्य