संगठि‍त शक्ति से ही हम शिक्षा के क्षेत्र में परिवर्तन ला सकते हैं : शंकरानंद

भारतीय शिक्षण मंडल का प्रांत स्‍तरीय कार्यकर्ता सम्‍मेलन आयोज‍ित

विश्व संवाद केंद्र, भोपाल    27-Oct-2026
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संगठि‍त शक्ति से ही हम शिक्षा के क्षेत्र में परिवर्तन ला सकते हैं : शंकरानंद
 
भोपाल। संगठन मजबूत किए बिना व्यवस्था में सकारात्मक परिवर्तन नहीं हो सकता। संगठित शक्ति के आधार पर ही हम शिक्षा के क्षेत्र में परिवर्तन ला सकते हैं। यह कार्य कठिन और चुनौतीपूर्ण है लेकिन प्रत्येक कार्यकर्ता को इसके लिए तैयार होना होगा। यह बात भारतीय शिक्षण मंडल के अखिल भारतीय संगठन मंत्री श्री बी. आर. शंकरानन्द ने कही। वे भारतीय शिक्षण मंडल के प्रांत स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन में कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे।
 
कार्यकर्ता सम्मेलन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचारक श्री विमल गुप्ता, भारतीय शिक्षण मंडल के अखिल भारतीय महामंत्री डॉ भरत शरण सिंह, सह व्‍यवस्‍था प्रमुख श्री अजय धाकरस, प्रचार प्रमुख डॉ संजय पाठक ने भी संबोधि‍त किया। इस अवसर पर शिक्षण मंडल की अखिल भारतीय महिला गतिवधि प्रमुख अरुंधति जी, संयुक्‍त महामंत्री पंकज नाफड़े, क्षेत्रीय प्रभारी डॉ लक्ष्‍मीकांत त्रिपाठी, प्रांत अध्यक्ष श्री हरिहर वसंत गुप्ता, प्रांत मंत्री श्रीमती मनीषा पाण्डेय भी उपस्थित थीं।
 
 

संगठि‍त शक्ति से ही हम शिक्षा के क्षेत्र में परिवर्तन ला सकते हैं : शंकरानंद 
 
श्री शंकरानन्द ने 'पंच स्तरीय विकास - 2030 एवं संघ शताब्दी कार्ययोजना' की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने अखिल भारतीय स्‍तर से जिला तक संगठन के कार्य, कार्यक्रमों, गतिविधियों, वर्ग, मंडल संचालन की रूपरेखा एवं आवश्यकता सहित विभिन्न विषयों में महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान किया।उन्‍होंने कहा कि जिस देश में शास्‍त्र की रक्षा नहीं होती, वह शस्‍त्र के द्वारा नष्‍ट हो जाता है। इसीलिए शि‍क्षक केवल नौकरी करने वाला नहीं है, वह शास्‍त्र और शस्‍त्र की रक्षा करता है। वह राष्‍ट्र की रीढ़ होता है।
 
जो भी आंदोलन देश के खिलाफ होगा, वह सफल नहीं होगा: प्रांत प्रचारक श्री विमल गुप्ता
 
उदघाट्न सत्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रान्त प्रचारक श्री विमल गुप्ता ने कहा कि प्रत्‍येक कार्यकर्ता को स्‍वयं के प्रयासों से व्‍यक्तित्‍व, वक्‍तव्‍य, कतित्‍व, नेतत्‍व और समझदारी के गुणों का विकास करना चाहिए। इससे संगठन में भी इन गुणों का विकास होता है। संघ ने अपनी 101 वर्षों की यात्रा पूरी की है। समाज परिवर्तन से व्‍यवस्‍था परिवर्तन के लक्ष्‍य को लेकर चलते हुए संघ समाज के मूल स्‍वभाव में सकारात्‍मक परिवर्तन लाने का प्रयास कर रहा है। भविष्‍य की चुनौत‍ियों की ओर संकेेत करते हुए उन्‍होंने कहा कि भविष्‍य में नैरेटिव का संघर्ष होना है। इस विमर्श के संघर्ष में हमें अपनी भूमिका का पता हो और उसी अनुसार हमारी तैयारी हो, इसका विचार आवश्‍यक है। उन्‍होंने कहा कि जो भी आंदोलन देश के खिलाफ होगा, वह सफल नहीं होगा।
 
 

संगठि‍त शक्ति से ही हम शिक्षा के क्षेत्र में परिवर्तन ला सकते हैं : शंकरानंद 
 
संगठन का कार्य कार्यकर्ता आधारित है
 
अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख डॉ संजय पाठक ने संगठन के मंडल, कार्य एवं गतिविधि पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संगठन का कार्य कार्यकर्ता आधारित है। मंडल ही शिक्षण मंडल की वास्तविक शक्ति हैं। अभा सह व्‍यवस्‍था प्रमुख श्री अजय धाकरस ने संवाद के माध्‍यम से कार्य और गतिव‍िधि‍ के लिए कार्य करने हेतु मार्गदर्शन दि‍या। मंडल मात्र अध्ययन केंद्र नहीं, जागरण के केंद्र भी हैं। अखिल भारतीय महामंत्री श्री भरत शरण सिंह ने कहा कि सभी जिलों में जिला कार्यकारिणी का गठन हमारा अगला लक्ष्‍य होना चाहिए। शिक्षा क्षेत्र में पुनरुत्‍थान के लिए छोटे-छोटे प्रयासों की आवश्‍यकता है।
 
वर्ष भर चले कार्यक्रमों की जानकारी दी
 
स्वागत भाषण में प्रांंत अध्यक्ष हरिहर वसंत गुप्ता ने वर्ष भर में प्रान्त में आयोजित कार्यक्रमों और गतिविधियों की जानकारी दी। प्रान्त उपाध्यक्ष डॉ शिवकुमार शर्मा ने सम्मेलन का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। प्रांत व्यवस्था प्रमुख अरविंद सिंह ने आभार व्यक्त किया।
 
लेख लेखन के पुरस्‍कार बांटे, न्‍यूज लेटर का विमोचन
 
संगठन द्वारा आयो‍ज‍ित लेख लेखन प्रतियोगि‍ता के 33 विजेता प्रतिभागि‍यों में से भोपाल विभाग के चयनित विद्यार्थियों को पुरस्‍कार प्रदान किए गए। इस अवसर पर संगठन की वर्षभर की गतिविध‍ियों से संबंधित न्‍यूज लेटर का विमोचन भी किया गया।