विजयादशमी पर भोपाल में संघ का पथ संचलन, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति का दिखा संगम

विभिन्न बस्तियों में स्वयंसेवकों ने निकाले पथ संचलन, नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर किया स्वागत

विश्व संवाद केंद्र, भोपाल    20-Oct-2026
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विजयादशमी पर भोपाल में संघ का पथ संचलन, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति का दिखा संगम
 
 
 
भोपाल। विजयादशमी के पावन अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से भोपाल के विभिन्न क्षेत्रों में पथ संचलन एवं शस्त्र पूजन के कार्यक्रम आयोजित किए गए।
 
विभिन्न बस्तियों में निकले पथ संचलनों में हजारों स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। पूर्ण गणवेश में कदमताल करते स्वयंसेवकों के अनुशासित संचलन ने नगर में राष्ट्रभक्ति, संगठन शक्ति और सामाजिक एकात्मता का वातावरण निर्मित किया। इस अवसर पर आम नागरिकों ने भी उत्साह के साथ सहभागिता की। विभिन्न स्थानों पर लोगों ने पुष्पवर्षा कर स्वयंसेवकों का स्वागत किया और उनका उत्साहवर्धन किया। अंबेडकर नगर की कोटरा बस्ती में सरस्वती स्कूल परिसर से पथ संचलन में प्रांत संघचालक अशोक पांडे मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने संघ की स्थापना, उसकी सौ वर्ष की यात्रा और वर्तमान परिदृश्य में संघ कार्य की भूमिका पर विचार रखे। पंच परिवर्तन के विषय को विस्तार से समझाते हुए समाज में जागरूकता, संगठन और सेवा भाव को मजबूत करने की आवश्यकता बताई।
 
विभिन्न बस्तियों में आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से स्वयंसेवकों को समाज के बीच सक्रिय रहकर सेवा कार्यों में योगदान देने, सामाजिक समरसता बढ़ाने और राष्ट्रहित के कार्यों में सहभागी बनने की प्रेरणा दी गई।
 
 

विजयादशमी पर भोपाल में संघ का पथ संचलन, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति का दिखा संगम 
 
पंच परिवर्तन से समाज परिवर्तन का आह्वान
 
अंबेडकर नगर के नेहरू नगर बस्ती में डी सेक्टर स्थित पानी की टंकी के पास शस्त्र पूजन एवं पथ संचलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भोपाल विभाग के प्रचारक कैलाश लोवंशी मुख्य वक्ता रहे। अंबेडकर नगर के नगर संघचालक गोपालदास मेहता उपस्थित रहे, जबकि सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारी एवं शास्त्रीय गायक उल्लाह तैलंग ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। अखिल भारतीय सह बौद्धिक प्रमुख दीपक बिस्पुते की उपस्थिति भी रही। मुख्य वक्ता कैलाश लोवंशी ने पंच परिवर्तन की अवधारणा पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि समाज जीवन में सकारात्मक बदलाव के लिए प्रत्येक व्यक्ति की सक्रिय भूमिका आवश्यक है। उन्होंने संघ की पृष्ठभूमि, स्थापना के उद्देश्यों और वर्तमान समय में संगठित समाज की आवश्यकता पर विचार रखे। प्रचलित विमर्श, देश के वर्तमान परिदृश्य और आगामी वैचारिक चुनौतियों के संदर्भ में भी स्वयंसेवकों को समाज के प्रति अपने दायित्वों के प्रति सजग रहने का संदेश दिया। अंबेडकर बस्ती स्थित आराधना उद्यान में आयोजित कार्यक्रम में तात्या टोपे भाग के भाग संघचालक ज्ञान प्रकाश तिवारी मुख्य वक्ता रहे। सह संघचालक रामस्वरूप राय और स्थानीय समाजसेवी एवं कार्यक्रम अध्यक्ष विकास शर्मा उपस्थित रहे। यहां संघ की सौ वर्ष की यात्रा, सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन और पंच परिवर्तन जैसे विषयों पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने परिवार को संस्कारों की पहली पाठशाला बताते हुए परिवार व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने, सामाजिक भेदभाव से ऊपर उठकर आत्मीयता का भाव विकसित करने और समाज के सभी वर्गों के साथ मिलकर कार्य करने की आवश्यकता पर जोर दिया। पंच परिवर्तन के माध्यम से नागरिक जीवन में सकारात्मक व्यवहार, सामाजिक दायित्व और राष्ट्रीय चेतना को मजबूत करने का आह्वान किया गया।
 
पुष्पवर्षा से हुआ स्वागत, जनसहभागिता ने बढ़ाया उत्साह
 
पथ संचलन के दौरान अनेक स्थानों पर नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर स्वयंसेवकों का अभिनंदन किया। लोगों ने अनुशासित कदमताल का स्वागत करते हुए उत्साहवर्धन किया। नागरिकों की यह सहभागिता कार्यक्रमों का विशेष आकर्षण रही। संघ के स्वयंसेवकों ने भी अनुशासन और एकजुटता के साथ संचलन में भाग लेकर समाज जीवन में संगठन की महत्ता का संदेश दिया।
 
 

विजयादशमी पर भोपाल में संघ का पथ संचलन, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति का दिखा संगम